क्या होता है Credit card ? क्रेडिट कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियाँ

क्या होता है Credit card ? क्रेडिट कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियाँ  (What is Credit Card in Hindi) : कहीं कुछ online order  करना हो या फिर कभी बाहर shopping  करते वक़्त पेमेंट करना हो आज plastic card  ने हमारे  लेनदेन के तरीकों को ही बदल कर रख दिया है | बस कुछ ही सेकंड लगते हैं online payment  में और वहीँ दूसरी तरफ बैंक की लम्बी कतार | सच में शायद विकास इसी का नाम है | ऐसे में आज customer एवं  bank के बीच के बीच विश्वास एवं लेनदेन को बढ़ाने हेतु बैंक हमे ढेर सारे नए-नए ऑफर देता रहता है | इन्हीं में से एक है credit card…

जी हाँ.. क्रेडिट कार्ड पाने की चाहत आखिर किसे नहीं होती होगी | हो भी क्यों न आखिरकार इसकी वजह से हम अपनी “छोटी सी चादर में थोड़ा पैर और जो पसार सकते हैं” | परन्तु ध्यान दें कई बार आवश्यकता से अधिक खर्च करने की हमारी भूल हमारे लिए जी का जंजाल भी बन सकती है | पेश है एक रिपोर्ट…

What is Credit Card in Hindi :

क्या है क्रेडिट कार्ड

Cashless transaction की नयी परिभाषा बन चुका plastic cards आज किसी परिचय का मोहताज नहीं| डिजिटल होते हमारे डेटाबेस की वजह से आज बैंक और कस्टमर के बीच रिश्ता और भी मजबूत हो चला है | ऐसे में अपने मानकों से एक कदम आगे बढ़ आज बैंक अपने कस्टमर को विश्वास स्वरुप credit balance  देती है जिससे कि कस्टमर उधार स्वरुप पेमेंट चुकाने से पहले ही खर्च कर सकता है | बैंक द्वारा अपने कस्टमर को प्लास्टिक कार्ड के रूप में दी जाने वाली इस आर्थिक मदद को ही credit card  कहा जाता है | अब कस्टमर क्रेडिट कार्ड के बल पर किसी भी तरह के व्यय को उधार करवा सकता है | कम्पनी द्वारा फिक्स्ड एक मासिक मुस्त का भुगतान कर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं | परन्तु कई बार देखा यही जाता है कि कस्टमर जरुरत से ज्यादा खर्च कर लेते हैं जिससे कि बाद में क़र्ज़ चुकाने में उन्हें काफी दिक्कत हो जाती है ऐसे में कस्टमर अपने इंटरेस्ट रेट को मैनेज न कर पाने की वजह से Debt Trap  में फस जाते हैं |

What is Credit Card in Hindi >> जरा इन आंकड़ो पर भी ध्यान दें

आज भारतीय अर्तव्यवस्था को मिलती मजबूती एवं सक्षम युवाओं की बढ़ती आबादी के बीच credit card , एक स्टाइल स्टेटमेंट के रूप में उभरी है | परन्तु जरा ध्यान दें अभी हाल ही में रिज़र्व बैंक द्वारा निकाले गए एक रिपोर्ट में क्रेडिट कार्ड धारकों के बारे में काफी चौकाने वाले तथ्य सामने आये हैं | बैंक के अनुसार भारत में क्रेडिट कार्ड रखने वालों पर ऋणबोझ काफी तेजी से बढ़ रहा है | आंकड़ों की माने तो मई 2016 के अंत तक क्रेडिट कार्ड धारकों पर 42 हजार करोड़ रुपये का बकाया है जबकि 2008 में आर्थिक मंदी होने के बावजूद यह आंकड़ा 27 हजार करोड़ का ही था। इससे साफ़ जाहिर होता है कि क्रेडिट कार्ड धारकों एवं लोन डिफाल्टर की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है | सूत्रों की माने तो सरकार wilful defaulters के विरुद्ध भविष्य में काफी कड़ा रुख अपना सकती है | ऐसे में यदि आप भी online एवं offline  payments  के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और यदि आपके भी क्रेडिट कार्ड पर बकाया रकम काफी बढ़ गयी है तो जितना जल्दी हो सके इसपर रोक लगाये एवं अपने पिछले खर्च को भी जल्द चुकता करें | अपना क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते वक्त इन बातों का खास तौर पर ध्यान रखिये।

(1) ये बात मन में बैठा लें कि चाहे कुछ भी हो जाये हर महीने की नियत तारीख में क़िस्त जमा कर देने हैं यदि किसी कारणवश भुगतान संभव न लगे तो अगले महीने टालने वाली आदत से जितना हो सके बचे |

(2) यदि आप हर महीने की बकाया राशि को अगले महीने टालते जाएंगे तो हर महीने आपका इंटरेस्ट रेट बढ़ता जाएगा और आप एक जाल में फंस जाएंगे जिससे बाहर निकलना काफी मुश्किल हो सकता है |

(3) इंटरेस्ट फ्री पीरियड, रिवार्ड्स पॉइंट इत्यादि जैसे पैकेज के लोभ को ले काफी सारे लोग 10-10 क्रेडिट कार्ड तक रखते हैं | ध्यान दें जरुरत से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने से मासिक मुस्त भी बढ़ेगी साथ ही Debt Trap की और बढ़ने की आपकी सम्भावनाये भी |

(4) बहुत लोग इन बातों पर ध्यान नहीं देते परन्तु आप कोशिश करें अपने credit balance ट्रान्सफर पर कड़ी नजर बनाये रखने की | आप SMS alert, Email इत्यादि से जुड़ अपने अकाउंट बैलेंस को बेहतर रूप से मैनेज कर सकते हैं |

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(5) ध्यान दें अपने उपभोक्ता की सुविधा एवं क्रेडिट स्कोर को देख हर कम्पनी अपनी अलग-अलग credit limit निर्धारित करती है | क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के चक्कर में कई बार ग्राहक हद से ज्यादा शौपिंग कर लेते हैं जिससे कि interest rate एवं instalment दोनों काफी तेजी से भागते हैं | ध्यान दें अपने क्रेडिट बैलेंस के 50 प्रतिशत राशी अपने कार्ड में हमेशा रहने दें |

(6) अपने बैंक के प्रति सदैव इमानदार रहें यदि आप बकाया रकम एक बार में नहीं चुका सकते तो आप उसे मासिक क़िस्त में भी डिवाइड करवा सकते हैं | बैंक अधिकारी को अपनी समस्या से अवगत करायें | ध्यान दें पूरा खेल विश्वास का है यदि आपके प्रति बैंक का विश्वास बढ़ेगा तो हो सकता है भविष्य में आप ढेरों अन्य सुविधाओं के भी हक़दार बन जायें |

(7) कई बार हम पेमेंट देना तो चाहते हैं परन्तु तकनीकी खराबी अथवा किसी और वजह से पेमेंट करना ही “भूल” जाते हैं ध्यान दें आपके भूलने की ये आदत भविष्य में आपको काफी महंगी पड़ सकती है | अपने बैंक अधिकारी को ये सख्त निर्देश दें कि हर महीने की निश्चित अवधी के बीच भुगतान काट ले | ऐसा नहीं होने पर अगले महीने आपके इंटरेस्ट रेट में थोड़ा इजाफा जरुर हो सकता है |

(8) जितना हो सके भ्रामक विज्ञापनों से बचे | याद रखें कि कंपनी के Processing Fee एवं रियल वैल्यू में काफी अंतर होता है | इंटरनेशनल ट्रान्सफर करते वक़्त ग्राहक ये ध्यान दें कि पूरा instruction पढ़ा हो | रिवॉर्ड पॉइंट एक अच्छा सौदा जरुर साबित हो सकता है पर ग्राहकों की सूझ-बुझ में कमी की वजह से ये एक मीठा दलदल भी बन सकता है |

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(9) जितना हो सके कोशिश करें हर transaction के अंत में अपना credit account balance चेक करने की तथा अपने खर्च एवं अपने earning के बीच एक बेहतर तालमेल बना कर चलने की | ज़िन्दगी में तमन्ना तो बहुत कुछ की होती है परन्तु कई बार परदे के पीछे की सच्चाई काफी डरावनी साबित हो सकती है |

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