पनामा पेपर लीक क्या है ? पनामा पेपर्स से जुड़े सारे तथ्य हिंदी में.

दोस्तों आपको तो याद ही होगा कि अभी कुछ दिन पहले पनामा पेपर्स वाले मामले ने खूब तुल पकड़ी थी . पर क्या आपको पता है कि यह पनामा पेपर्स वास्तव में है क्या? ये सवाल अभी भी लाखों लोगों के जेहन में है. आज हम आपको पनामा पेपर्स लीक से जुड़े लगभग सारी जानकारियाँ उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे. जानिए पनामा प्रकरण से जुडी समस्त जानकारी वो भी अपनी भाषा हिंदी में (Panama Paper Leak in Hindi).

पनामा है मध्य अमेरिका का एक छोटा सा देश

पनामा मध्य अमेरिका स्थित एक छोटा-सा देश है जिसकी जनसंख्या सिर्फ 40 लाख है. पनामा देश की राजधानी का नाम पनामा नगर (Panama Nagar) है. पहले पनामा स्पेन का उपनिवेश हुआ करता था. पनामा की मुद्रा बल्बोआ (Balboa) है लेकिन यह अपनी मुद्रा के रूप में अमरीकी डॉलर का इस्तेमाल करता है. पनामा की सरकारें लगातार इसे सिंगापुर जैसे ही व्यापार अनुकूल वित्तीय केंद्र के रूप में बढावा देती रही है तथा उन्होंने यहां की बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को सक्रियता से बढ़ावा दिया है. पनामा उस देश की श्रेणी में आता है जिसका लैटिन अमरीका में सबसे सतत आर्थिक वृद्धि दर्ज है.

पनामा पेपर्स लीक क्या है? (what is panama papers leak in Hindi)

यहाँ आपको बता दें कि पनामा की एक लॉ फर्म से लीक हुए करोड़ों के डाक्यूमेंट्स ने दुनियाभर की तमाम बड़ी हस्तियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. हिंदुस्तान ही नहीं दुनियाभर के नामचीन लोग इसमें संलिग्न हैं. पनामा पेपर्स, पनामा स्थित मोसेक फॉन्सेका नामक विधि फर्म के वो दस्तावेज हैं जो निवेशकों को कर (टैक्स) बचाने, काले पैसे को सफेद करने और अन्य कामों से जुड़े होते हैं. हालांकि इनवेस्टिगेटिव पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संघ का कहना है कि इस बात की संभावना तेज हैं कि इन फॉरेन कंपनियां ऐसी गतिविधियां वैध रूप से कर रही हैं.

पनामा पेपर लीक से जुडी कुछ चौकाती तस्वीरे
पनामा पेपर लीक से जुडी कुछ चौकाती तस्वीरे

जैसा की हमारे एडिटोरियल टीम को पता चला है पनामा पेपर्स इस तरह से काम करने वाला अपने आप में दुनिया का एक बड़ा ऑर्गेनाइजेशन है। पिछले एक साल में करीब 75 देशों के 100 से अधिक मीडिया संगठनों के 400 पत्रकारों ने दस्तावेजों पर गहन रिसर्च किया है। Mossack Fonseca से लीक हुए दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि दुनिया भर के नेताओं और प्रमुख खिलाडिय़ों अन्य हस्तियों ने अरबों डॉलर की राशि उसके यहां छुपाई हुई है। विशेषज्ञों की माने तो इस प्रकरण के सामने आने से पनामा की छवि एक ऐसी जगह के रुप में बनेगी जो कि टैक्स चोरों के लिए पनाहगाह बनेगी। यहां की गवर्नमेंट को पनामा की उस छवि को तोडऩे में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है जिसके अनुसार यहां टैक्स ऑफिसर्स से धन छुपाने के लिए संदिग्ध लेनदेन होता है। इस देश का इस्तेमाल धनी, ड्रग तस्कर, अपराधी व आतंकियों के धन को सफेद करने के लिए किया जाता है।

पनामा पेपर्स लीक कैसे हुआ? (How did Panama Papers leaked)

बात कुछ साल पहले की है एक गुमनाम व्यक्ति द्वारा ज़र्मनी के एक न्यूज़ एजेंसी एसजेड से संपर्क बना कर मोसेक फॉन्सेका की सारी जानकारी उसके हवाले कर दिया. बाद में यह ख़बर आग के तरह विश्व भर में फ़ैल गयी. जानकारी में मुख्यतः ईमेल, पीडीऍफ़, फ़ोटो तथा कंपनियों की ख़ुफ़िया जानकारी मौजूद थी. यह लीक विश्व इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा लीक साबित हो रहा है, यदि हम इसके डाटा साइज़ कि बात करें तो यह लगभग 3000 जीबी का डाटा है.

पनामा पेपर लीक में शामिल मुख्य लोग:

पनामा पेपर लीक में दुनिया भर की बहुत बड़े हस्तियों के नाम आए हैं, इनमे से कुछ ऐसे नाम है जिसे लगभग हर कोई जानता है. कुछ लोगो के नाम हम यहाँ लिखने जा रहे हैं:

  • अर्जेंटीना के बहुचर्चित फुटबॉलर लेओनेल मेस्सी
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ सरीफ़
  • हांगकांग के जैकी चैन
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के पिता
  • चीन के नेता जाई जिंगपिंग का साला
  • यूएइ के ख़लीफा बिन जायेद एल नहयान
  • अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिसिया मार्की इत्यादि

भारत भी इस लिस्ट में पीछें नहीं है यहाँ से तो लगभग 500 लोगों की लिस्ट है हालाँकि सभी के नामों का खुलासा नहीं किया गया है. कुछ नाम इस प्रकार हैं:

  • अमिताभ बच्चन
  • ऐश्वर्या राय बच्चन
  • DLF के प्रोमोटर के पी सिंह
  • राजनेता शिशिर बाजोरिया और अनुराग केजरीवाल
  • डॉन इकबाल मिर्ची
  • अदानी बंधू इत्यादि

एक तरफ भारत की ज्यादातर आबादी छोटे से रकम को रखने के लिए चार्टेड एकाउंटेंट के चक्कर लगाते हैं वही इन बड़े हस्तियों के लिए रुपए छिपाना आसान है.

दूसरी पहलु यह भी है कि पाकिस्तान जैसे अस्थिर देश में भी पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद वहाँ के प्रधानमंत्री को इस्ताफ़ा देना पड़ता है, वही हिंदुस्तान जैसे लोकतान्त्रिक देश में ये गुनेहगार सत्ता के वजह से खुल आम पैसों का लेन-देन कर रहे हैं.

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