बिहार में शराबबंदी : मुख्यमंत्री नितीश कुमार के नाम खुला पत्र

माननीय मुख्यमंत्री
श्री नितीश कुमार जी,

तमाम आशंकाओं को ध्वस्त करते हुए आपने बिहार को पूर्ण ड्राई स्टेट बना दिया है | आज हम बिहारी बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं | आपके इस ऐतिहासिक कदम के लिए आपको सैल्यूट करते हैं एवं आपको धन्यवाद भी देते हैं |

पिछले वर्ष जब अपने शराबबंदी का वादा किया था उस समय और फिर बिहार विधानसभा के चुनावों में भी आप विरोधी दल के निशाने पर रहे लेकिन आज वे सभी आपके इस फैसले का स्वागत कर रहें हैं | ये कतई आसान नहीं था क्योंकि समाज के एक बड़े हिस्से में इसकी स्वीकार्यता होने के साथ-साथ यह राजस्व का महत्वपूर्ण हिस्सा भी था परन्तु सुशासन के प्रति आपकी प्रतिबद्धता ने आपको इस चुनौती से पार पाने के लिए बल दिया |

आपने जनभावना का ख्याल रखते हुए जनमानस के हित में यह निर्णय लिया | आपके इस निर्णय से मेरी उम्मीदें आपसे काफी ज्यादा बढ़ गयी है |

विधानसभा चुनाव के वक्त शराबबंदी के साथ-साथ गौमांस के मुद्दे ने भी काफी ज्यादा तूल पकड़ा था तब आपसे विपक्षियों ने बीफ़ बेन की बात कही थी | उस वक्त आपकी पार्टी द्वारा जारी किये गए एक बयान में कहा गया था कि कोई क्या खाये-पिये और क्या नहीं, इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं होना चाहिए अन्यथा यह संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का हनन होगा | आपने इस बयान का समर्थन भी किया था | आज जब आपने ‘क्या नहीं पियें’ पर नियंत्रण कर ही लिया है तो ‘क्या नहीं खाए’ पर भी विचार करें | शराब यदि जानलेवा है तो गौमांस जीवनदायी तो कतई नहीं है |

खेती-बाड़ी, विभिन्न असाध्य रोगों से निजात दिलाने वाली औषधी तथा मानव जीवन के लिए अन्य आवश्यकताओं में गाय की उपयोगिता मुझसे कहीं बेहतर आप जानते हैं |

एक किसान जिसके परिवार के भरण-पोषण से लेकर उसके बेटे-बेटियों की शिक्षा-दीक्षा तक गाय की  भूमिका महत्त्वपूर्ण है | एक बीमार जिसके लिए गौमूत्र जीवनदायी है जब किसी बूचड़खाने में गाय को कटा हुआ देखता होगा तो क्या उसकी भावनायें आहत नहीं होती होगी ? ऐसा दृश्य देखने के बाद समाज में नफरत एवं झगड़े का माहौल बनता है |

आज जब सहिष्णुता, असहिष्णुता के चर्चे जोरों पर हैं तो क्या इन झगड़ों को जड़ से समाप्त करने के लिए कदम उठाने की आवश्कता नही है ?

समाज के बड़े हिस्से में पनप रहे नफरत को समाप्त कर भाईचारे के साथ समाज की परिकल्पना को प्रभावी बनाने के लिए आप इस विषय पर विचार करें, यह मेरा आपसे निवेदन है|

यदि ऐसा हो जाता है तो घर-घर में ईद मनेगी और घर-घर में होली खेली जायेगी |

आपके शराब बंदी के फैसले से बेहद प्रसन्न हूँ | आपसे उम्मीद करता हूँ कि हमारी आस्था एवं मान्यताओं की केंद्र एवं जनमानस के लिए परम उपयोगी गाय की रक्षा करेंगे तथा जनभावना का ख्याल रखेंगे |

धन्यवाद

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बिहार में शराबबंदी : मुख्यमंत्री नितीश कुमार के नाम खुला पत्र
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समाज के बड़े हिस्से में पनप रहे नफरत को समाप्त कर भाईचारे के साथ समाज की परिकल्पना को प्रभावी बनाने के लिए आप इस विषय पर विचार करें |
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Somu Anand

सोमू आनंद ABVP सदस्य हैं भूतपूर्व जिला मुख्य SFD और ABVP सहरसा विंग.