9 लीगल राइट्स हर भारतीय को पता होनी चाहिए

“भारत”- एक शब्द, एक परिचय एवं एक सम्मान| निश्चित रूप से हम भारतीय एक विकासशील तस्वीर का हिस्सा बनकर खुद को गौरान्वित महसुस करते होंगे| भारतीय उपमहाद्वीप यूँ तो अपने विविधता के लिए विख्यात हैं परन्तु भारत के गौरवसाली इतिहास के अलावा भी हमारे पास एक और उपलब्धि हैं “ विश्व के सबसे बड़े गणतंत्र होने की|” हमारा संविधान हमें हमेशां एक सुव्यवस्थित आधार गढ़ने हेतु प्रेरित करता रहता हैं एवं हमें ये विश्वास देता है कि सत्य प्रताड़ित तो हो सकता हैं मगर पराजित नहीं| एक सुव्यवस्थित शासन व्यवस्था के संचालन हेतु हमारे संविधान ने हम भारतीयों को कुछ मौलिक अधिकार दिए हैं, मगर जागरूकता के अभाव में हमे जाने-अनजाने इनकी काफी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती हैं|

घरेलु रसोई गैस के विस्फोट में पाए 40 लाख तक का हर्जाना: हम में से बहुत सारे लोगो को शायद ये नहीं पता है कि जिस रसोई गैस का इस्तेमाल हम खाना बनाने में करते हैं, यदि कंपनी की त्रुटी से उसमे विस्फोट हो जाता है तो जान-माल के नुकसान की भरपाई हेतु आप कंपनी से 40 लाख रुपए तक के हर्जाने की माँग कर सकते हैं|

महिला पुलिसकर्मी ही कर सकती हैं महिलाओं को गिरफ्तार: अक्सर जागरूकता के अभाव में ऐसा देखा गया हैं कि पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं को भी गिरफ्तार कर लेते हैं मगर ध्यान दे असल में नियमानुसार एक महिला को गिरफ्तार कर उन्हें पुलिस चौकी ले जाने का हक सिर्फ एक महिला पुलिसकर्मी को ही हैं. संगीन से संगीन अपराधो में या फिर महिला पुलिसकर्मी के अनुपस्थिति में भी महिला को गिरफ्तार करने से पहले माननीय मजिस्ट्रेट से लिखित में अनुमति लेनी होती हैं. महिलाए यदि चाहे तो सुरक्षा कारणों का हवाला दे संध्या 6 बजे से सुबह के 6 बजे तक पुलिस चौकी जाने से मना भी कर सकती हैं|

महिलाए चाहे तो ईमेल से भी कर सकती हैं शिकायत: दिल्ली पुलिस द्वारा निर्देशित नियमानुसार यदि कोई पीड़ित महिला थाने जाकर रिपोर्ट लिखाने में असमर्थता व्यक्त करती हैं तो अब वे ईमेल के जरिये भी इस बात की शिकायत अपने नजदीकी पुलिस चौकी में कर सकती हैं|

लिव-इन-रिलेशनशिप है पुरीं तरह वैध: भारत जैसे संस्कृति प्रधान देश में विवाह से पहले एक लड़का एवं लड़की का साथ में रहना हमे थोड़ा अजीब जरुर लग सकता हैं मगर ध्यान दे यदि कोइ व्यस्क जोड़ा अपनी सहमती से एक दुसरे के साथ लिव-इन करना चाहते हैं तो ये पुरीं तरह वैध हैं| हालाँकि घरेलु हिंसा के शिकायतों को कम करने हेतु इसमें कुछ उचित दिशा निर्देश भी दिए गए हैं

MRP से कम कीमत पर भी खरीद सकते है सामान: ध्यान दे किसी भी सामान के उत्पादन लागत से लेकर उपभोक्ता तक पहुचने में लगे लागत में मुनाफा जोड़ कर ही किसी चीज़ की MRP निर्धारित की जाती हैं. आप चाहे तो MRP के ऊपर भी मोल-भाव कर सकते हैं|

सार्वजनिक स्थलों पर अश्लीलता पड़ सकती हैं महँगी: प्यार करना एवं अपने प्रियतम से इसका इज़हार करना कौन नहीं चाहता, मगर ध्यान रहे सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह की अभद्रता एवं अश्लीलता आपको 3 महीने तक हवालात जरुर दिखा सकती हैं. हालाँकि अश्लीलता एवं अभद्रता के एक उचित परिभाषा के अभाव में कई बार पुलिसकर्मियों को जोड़े को परेशान करते भी देखा गया हैं मगर जितना हो सके इन आदतों से बचने की कोशिश करे|

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सेक्स के प्रति आपकी अरुचि बन सकती है तलाक की वजह: ध्यान दे सेक्स के प्रति आपकी अरुचि एवं जीवनसाथी से इसका इंकार आगे जाकर आपके तलाक की एक मुख्य वजह बन सकती हैं. सेक्स के प्रति आपकी अरुचि एक तरह से मानसिक यातना की श्रेणी में आती हैं|

बच्चा गोद लेने से पहले रखे इन बातो का ध्यान: हिन्दू एडाप्टेशन एवं मेंटनेंस एक्ट,1956 के तहत यदि आप पहले से ही किसी बच्चे के पिता हैं तो आप दोबारा दुसरा बच्चा गोद नहीं ले सकते. यदि आप सारे मापदंडो को पुरा कर बच्चा गोद लेने की सोच रहे हैं तो ध्यान दे की आपके एवं गोद लिए गए बच्चे के बिच 21 साल का एज़ डिफरेंस हो|

टैक्स रिकवरी ऑफिसर(TRO) कर सकते हैं आपको गिरफ्तार: ध्यान दे इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के अनुसार यदि आप कर चोरी या किसी भी तरह के नियमो का उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं तो टैक्स रिकवरी ऑफिसर आपको गिरफ्तार भी कर सकते हैं| हालाँकि ऐसा करने से पहले उन्हें आपको एक समन भेजना पड़ता हैं|

ध्यान दे आपके द्वारा दिखायी गयी थोड़ी सी जागरूकता न केवल एक अच्छे समाज का निर्माण करेगी अपितु हमारे विकास को भी एक नया आयाम मिल पायेगा|

ट्रेंडिंग ऑवर की समस्त परिवार के तरफ से हम आपसे ये निवेदन करते हैं की जागरूक रहे एवं दुसरो को भी जागरूक करते रहे| याद रहे आपकी जागरूकता में ही हमारे राष्ट्र की आत्मा वास करती हैं

 

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RANJITA MANDAL

Ranjita Mandal is a lawyer in Siliguri Court.

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